क्यों मनाई जाती है नवरात्रि, क्या है , 2019 के नवरात्री के मुहूर्त – why are we celebrate navratri – 2019

नवरात्रि का त्योहार मनाने के लिए शास्त्रो में दो कारण हैं। पहली कथा के अनुसार, महिषासुर नाम का एक राक्षस था जो ब्रह्मा का बहुत बड़ा भक्त था। उन्होंने अपने तप से ब्रह्मा को प्रसन्न किया और एक वरदान (wish) प्राप्त किया। वरदान में उसे कोई देव, दानव या पृथ्वी पर रहने वाला कोई मनुष्य मार ना पाए।| वरदान (wish) प्राप्त करते ही वह बहुत निर्दयी हो गया और तीनो लोकों में आतंक माचने लगा। उसके आतंक से परेशान होकर देवी-देवताओं ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश के साथ मिलकर माँ शक्ति के रूप में दुर्गा को जन्म दिया। माँ दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक भयंकर युद्ध हुआ और दसवें दिन माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया। इस दिन को अच्छाई पर बुराई की जीत के रूप में मनाया जाता है।

दूसरी कथा के अनुसार, भगवान राम ने लंका पर आक्रमण करने से पहले और रावण के संग युद्ध में जीत के लिए शक्ति की देवी माँ भगवती की आराधना की थी। रामेश्वरम में उन्होंने नौ दिनों तक माता की पूजा की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर माँ ने श्रीराम को लंका में विजय प्राप्ति का आशीर्वाद दिया। दसवें दिन भगवान राम ने लकां नरेश रावण को युद्ध में हराकर उसका वध कर लंका पर विजय प्राप्त की। इस दिन को विजय दशमी के रूप में जाना जाता है।

नवरात्रि के 9 दिन और 9 देवियां

  • पहले दिन- शैलपुत्री
  • दूसरे दिन- ब्रह्मचारिणी
  • तीसरे दिन- चंद्रघंटा 
  • चौथे दिन- कुष्मांडा 
  • पांचवें दिन- स्कंदमाता
  • छठे दिन- कात्यानी
  • सातवें दिन- कालरात्रि 
  • आठवें दिन- महागौरी 
  • नवें दिन- सिद्धिदात्री

ज्योतिष के अनुसार किस दिन कौन सा मुहूर्त है|

  • 29 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना
  • 30 सितंबर को अमृत सिद्धि योग
  • 1 अक्टूबर को रवि योग
  • 2 अक्टूबर को अमृत और सिद्धि योग
  • 3 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि
  • 4 अक्टूबर को रवि योग
  • 5 अक्टूबर को रवि योग
  • 6 अक्टूबर को सर्वसिद्धि योग रहेगा।

दशहरे का शुभ मुहूर्त


नवमी के अगले दिन दशहरा का त्योहार है। 7 अक्टूबर 2019 को महानवमी दोपहर 12.38 तक रहेगी। इसके दशमी यानी दशहरा होगा। 8 अक्टूबर को विजयदशमी रवि योग में दोपहर 2.51 तक रहेगी। यह बहुत ही शुभ मानी गई है।

दुर्गा पूजा मुहूर्त

अष्टमी तिथि – रविवार, 6 अक्टूबर 2019
अष्टमी तिथि प्रारंभ – 5 अक्टूबर 2019 से 09:50 बजे
अष्टमी तिथि समाप्त – 6 अक्टूबर 2019 10:54 बजे तक

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