Interesting Facts of Ravana in Hindi.

भगवान विष्णु के द्वारपाल थे कुंभकरण और रावण

रावण और कुंभकर्ण वास्तव में विष्णु भगवान के द्वारपाल जय और विजय थे जिनको एक ऋषि से मिले श्राप के कारण राक्षस कुल में जन्म लेना पड़ा था और अपन ही आराध्य से उनको लड़ना पड़ा था |राम -रावण के बातचीत में एक बार राम जी ने रावण (Ravana) को महा-ब्राहमण कहकर पुकारा था क्योंकि रावण 64 कलाओं में निपुण था जिसके कारण उसे असुरो में सबसे बुद्धिमान व्यक्ति बनाया था

जैन कथाओं में बताया – सीता का पिता

हम हमेशा पढ़ते है कि रावण ने सीता का हरण किया था जबकि जैन ग्रंथो की रामायण के अनुसार रावण ही सीता के पिता थे जो एक हिन्दू धर्म के लोगो को बहुत अजीब बात लगती है | रावण को अपने दस सिरों की वजह से दशग्रीव कहा जाता है जो उसकी अद्भुद बुद्धिमता को दर्शाता है |

महा वैज्ञानिक कहा जाता था रावण को

जी हां आपने सही पढ़ा अपने समय का महा वैज्ञानिक कहा जाता था रावण को ! रावण (Ravana) अपने समय का विज्ञान का बहुत बड़ा विद्वान भी था जिसका उदाहरण पुष्पक विमान था जिससे पता चलता है कि उसे विज्ञान की काफी परख थी | भारत का क्लासिकल वाद्य यंत्र रूद्र वीणा की खोज रावण ने ही की थी | रावण शिवजी का बहुत बड़ा भक्त था और दिन रात उनकी आराधना करता रहता था |

रामेश्वर में रावण ने किया था भगवान राम के लिए यज्ञ

राम जी को जब रावण को हरान के लिए समुद्र पार कर लंका जाना था तो जब काम शुरू करने के एक रात पहले उन्होंने यज्ञ की तैयारी की और रामेश्वरम में भगवान शिव की आराधना करने का निश्चय किया | अब जब वो सबसे शक्तिशाली व्यक्ति से युध्ह करने को जा रहे थे तो यज्ञ के लिए भी उनको एक विद्वान पंडित की आवश्कता थी | उन्हें जानकारी मिली कि रावण खुद एक बहुत बड़ा विद्वान है | राम जी ने रावण को यज्ञ के लिए न्योता भेजा और रावण शिवजी के यज्ञ के लिए मना नही कर सकता था | रावण रामेश्वरम पहुचा और उसने यज्ञ पूरा किया | इतना ही नही जब यज्ञ पूरा हुआ तब राम जी ने रावण से उसीको हराने के लिए आशीर्वाद भी माँगा और जवाब में रावण ने उनको “तथास्तु ” कहा था |

लंका नगरी थी उस दौर की स्वर्ण नगरी

लंका का निर्माण विश्वकर्मा जी ने किया था और जब उस पर रावण के सौतेले भाई कुबेर का कब्जा था | जब रावण तपस्या से लौटा था तब उसने कुबेर से पुरी लंका छीन ली थी | ऐसा कहा जाता है उसके राज में गरीब से गरीब का घर भी उसने सोने का कर दिया था जिसके कारण उसकी लंका नगरी में खूब ख्याति थी |

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